फेयरफ्लिक्स एंटरटेनमेंट प्रस्तुत करता है फिल्मी बातें स्वीकार कीजिए सीमा शाही का नमस्कार।
दोस्तों, आज का कार्यक्रम हिंदी सिनेमा के एक ऐसे एक्टर के बारे में है जो अपनी जिंदगी और कैरियर में होने वाले तमाम उतार-चढ़ाव को झेलते हुए भी प्रसन्नता से अपने काम में लगा रहता है। और दोस्तों उस किरदार का नाम है बॉबी देओल।
बॉबी देओल का जन्म एक पंजाबी परिवार में 27 जनवरी 1969 को हुआ था। मशहूर सिने स्टार धर्मेंद्र उनके पिता है और उनकी माता का नाम प्रकाश कौर है और सिने स्टार सनी देओल उनके बड़े भाई हैं। बॉबी देओल का बचपन का नाम विजय सिंह देवल था । हेमा मालिनी उनकी सौतेली मां है और उनकी दो बहने हैं अजिता और विजयिता। ये दोनों कैलिफोर्निया में रहती हैं। ईशा देओल और आहना देओल उनकी सौतेली बहने हैं। बाबी देओल का विवाह 1996 में तान्या आहूजा से हुआ और उनके दो बेटे हैं।
बॉबी देओल ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत राजकुमार संतोषी की फिल्म बरसात से किया जो 1995 में बनी थी। इस फिल्म में बॉबी देओल एक भोले भाले ग्रामीण युवक की भूमिका में है जो गांव से शहर आता है और यहां आकर बदमाशों के चक्रव्यूह में फस जाता है। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और इसमें उन्हें सर्वश्रेष्ठ पुरुष पदार्पण के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार से पुरस्कृत भी किया गया। किसी के बाद उन्हें राजीव राय द्वारा निर्मित फिल्म "गुप्त: दि हिडेन ट्रुथ" में अभिनय किया जिसमें उनके साथ काजोल और मनीषा कोइराला थी। इस फिल्म की सफलता के साथ ही उन्होंने अपनी पहली फिल्म की सफलता को दोहराया। जिसमें एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका है जिस पर सगाई के प्रस्ताव को लेकर अपने सौतेले पिता की हत्या करने का आरोप लगाता है और गलत तरीके से उसे कैद कर लिया जाता है । यह फिल्म व्यावसायिक रूप से फायदेमंद रही और फिल्म "गुप्त" को इसके साउंडट्रैक के लिए बहुत अधिक प्रशंसा मिली। वर्ष 1998 में बनी विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म "करीब" सनी देओल की एक फ्लॉप फिल्म साबित हुई फिर उन्होंने अब्बास मस्तान के साथ मिलिट्री थ्रिलर "सोल्जर" में काम किया जो वर्ष 1998 में बनी । इसमें राखी और प्रीति जिंटा ने भी रोल किए थे। इस फिल्म में बॉबी ने एक ऐसे व्यक्ति के बेटे की भूमिका निभाई है जिसे हथियार तस्करी का दोषी ठहराया गया था। फिल्म सोल्जर को आलोचकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और फिल्म "बरसात" और "गुप्त" के बाद यह उनकी तीसरी हिट फिल्म साबित हुई। फिर वर्ष 1999 में उनकी एक ही फिल्म "दिल्लगी" रिलीज हुई जो उनके अपने भाई सनी देओल के द्वारा निर्देशित थी यह फिल्म त्रिकोणीय प्रेम पर आधारित थी । बॉबी देओल ने सन 2000 में रानी मुखर्जी के साथ "बादल" फिल्म और फिल्म "बिच्छू" में अभिनय किया। फिल्म बादल में पंजाब और दिल्ली के कुछ हिस्सों में वर्ष 1984 के दंगों के आसपास की थीम पर आधारित सेट है, जिसमें जिसमें वह एक आतंकवादी का चरित्र निभा रहे हैं जो एक भ्रष्ट निरीक्षक द्वारा अपने परिवार और ग्रामीणों के नरसंहार का गवाह बनता है। फिल्म बिच्छू में देओल ने एक मध्यमवर्गीय लड़के की भूमिका निभाई है जो एक अमीर महिला के प्यार में पड़ जाता है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की है बाद में उन्हें "हम तो मोहब्बत करेगा" और "आशिक" फिल्म में करिश्मा कपूर के साथ जोड़ा गया लेकिन यह दोनों फिल्में फ्लॉप रही। बॉबी ने अगली बार अब्बास मस्तान की थ्रिलर फिल्म "अजनबी" में भूमिका निभाई जो औसत कमाई वाली फिल्म बनी लेकिन इसमें बॉबी देओल ने अभिनय के लिए करिश्मा प्रशंसा बटोरी। उन्होंने सनी देओल के साथ शहीद फिल्म वर्ष 2002 में किया जिसमें उनके भाई ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद की भूमिकाएं निभाया। ब्रिटिश भारत में 23 मार्च 1931 को भगत सिंह और उनके साथियों राजगुरु और सुखदेव को फांसी देने तक की घटनाओं को दर्शाया गया है। फिल्म को ध्रुवीकरण समीक्षा मिलने के बाद rediff.com का मानना था कि फिल्म में बहुत सारे अच्छे और बुरे क्षण आए और यह फिल्म भगत सिंह पर बनी मूल फिल्म से बेहतर थी। हालांकि भगत सिंह की लड़ाई की पीड़ा को इसमें कम करके दिखाया गया है जो वास्तविक जीवन की घटना में हुई क्रूरता और पीड़ा को कम करता है। इसमें बॉबी के कुछ दृश्यों को अधिक प्रशंसा मिली है। माना जाता है कि "द लीजेंड ऑफ भगत सिंह" में अजय देवगन ने उन्हें पीछे छोड़ दिया था । प्रदर्शन के मामले में देवगन स्पष्ट रूप से बेहतर हैं और एक मजबूत स्क्रिप्ट और बेहतर निर्देशन के लाभ के साथ-साथ अजय देवगन ने भूमिका को अच्छे ढंग से निभाया भी है। बाद में वर्ष 2002 में बॉबी देओल को अब्बास मस्तान की रोमांटिक थ्रिलर फिल्म "हमराज" में एक धनी शिपिंग व्यवसायी की भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया जहां वह अमीषा पटेल और अक्षय खन्ना के साथ प्रेम के त्रिकोणीय कहानी में भूमिका निभाते हैं । यह फिल्म मध्यम रूप से सफल रही और आलोचकों की सकारात्मक समीक्षा भी मिली थी।"दी हिंदू" की चित्रा महेश के अनुसार देवल फिल्म के पहले भाग में अपने अभिनय में कुछ लापरवाही करते हुए से दिखाई पड़ते हैं लेकिन बाद में उनका प्रदर्शन अच्छा है। वर्ष 2002 में उनका अंतिम अभिनय एक छोटे-मोटे बदमाश का था जिसके हाथ लाखों रुपए के हीरे लग जाते हैं। बॉबी देओल एक साल के अंतराल के बाद फिल्म "किस्मत" में प्रियंका चोपड़ा के साथ वर्ष 2004 में वापसी करते हैं और अपनी अगली फिल्म "बर्दाश्त" जो कि विक्रम भट्ट के द्वारा प्रोड्यूस की गई थी और अनिल शर्मा की फिल्म "अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों" में सेना अधिकारी की भूमिका निभाई है। इस फिल्म में पुलिस की बर्बरता और भ्रष्टाचार तथा अन्यान्य के विषयों पर काम किया गया था । वहीं बाद की फिल्म ऐसी थी जिसमें अमिताभ बच्चन अक्षय कुमार और देओल दोहरी भूमिका में थे। इन सभी फिल्मों ने व्यावसायिक रूप से अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। हालांकि बाद की फिल्मों के लिए उन्हें अपनी भूमिका के लिए प्रशंसा मिली। जिसमें उन्होंने एक पग पहनी थी जिसमें उन्हें पंजाबी भीड़ से दर्शक ज्यादा प्राप्त हुए और यह टिप्पणी करने के लिए प्रेरित किया कि वह पगड़ी पहन कर बेहतर दिखते हैं। देओल ने विक्रम भट्ट के साथ थ्रिलर फिल्म "जुर्म" के लिए फिर से काम किया जिसमें एक अमीर व्यवसायी की भूमिका के लिए उनकी प्रशंसा की गई जिसे अपनी पत्नी पर रोहित के साथ संबंध होने का संदेह है। उन्होंने मणि शंकर की फिल्म "युद्ध"और "टैंगो चार्ली" में संजय दत्त , सुनील शेट्टी और अजय देवगन के साथ ऊपरी असम में बोडो उग्रवादियों से लड़ने वाले पूर्वोत्तर भारतीय प्रांत में काम करने वाले एक सैनिक की भूमिका निभाई है और सुनील दर्शन की प्रेम त्रिकोण "बरसात" में चोपड़ा और बसु के साथ विदेश में रहने वाले एक महत्वाकांक्षी भारतीय की भूमिका निभाई । इनमें से किसी भी फिल्म ने उनकी व्यावसायिक अपील को पुनर्जीवित नहीं किया। दि हिंदू ने "बरसात" के लिए निष्कर्ष निकाला कि ये एक ऐसा त्रिकोण है जिसमें व्यवसायिक बॉलीवुड की सभी रूढ़िया हैं।
इस फिल्म से आपको आश्चर्य हो सकता है कि क्या बॉबी एक अभिनेता के रूप में एक इंच भी आगे बढ़ा है, जब से उसने राजकुमार संतोषी की इसी नाम की फिल्म से शुरुआत की थी? 2005 में उनकी अंतिम भूमिका "दोस्ती: फ्रेंड्स फॉरएवर" थी जिसमें अक्षय कुमार ,लारा दत्ता, करीना कपूर और जूही चावला थी जो भारत में कमतर रही लेकिन यूनाइटेड किंगडम में एक बड़ी सफलता थी। इनके अलावा बॉबी देओल की अन्य फिल्मों में "हमको तुमसे प्यार है", "शाका लका बूम बूम", " झूम बराबर झूम", " नकाब" "हीरोज"," दोस्ताना" जैसी फिल्मों में काम किया । दोस्ताना पहली बॉलीवुड फिल्म है जिसे पूरी तरह से मियामी, संयुक्त राज्य अमेरिका में फिल्माया गया और यह 2008 में भारतीय बॉक्स ऑफिस पर आठवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई। उसके बाद "एक: द पावर ऑफ़ वन"," हेल्प", "यमला पगला दीवाना" "थैंक यू" और "प्लेयर्स" फिल्में आई जो ना तो बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल दिखा सकी और ना ही उनको समीक्षकों की अच्छी टिप्पणी प्राप्त हुई। कई व्यावसायिक असफलताओं के बाद बॉबी देओल ने काम की कमी के कारण 3 साल का ब्रेक लिया। उन्होंने "कॉफी विद करण" नाम के एक शो में कबूल किया कि " मैंने हार मान ली और मैं शराब पीना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि मैं घर पर बैठा रहता था और कहता था लोग मुझे क्यों फिल्मों में नहीं लेते। मुझे लगता है कि मैं हर चीज को लेकर बहुत नकारात्मक हो गया था ।फिर अचानक बेटे को यह कहते हुए सुना की मां!, पापा घर पर बैठे रहते हैं और आप रोज कम पर जाती है! फिर मेरे अंदर कुछ टूट सा गया और मैंने कहा नहीं अब मैं ऐसा नहीं कर सकता ।
इस अंतराल के बाद फिर सनी देओल के साथ उन्होंने श्रेयस तलपड़े की "पोस्टर बॉयज" फिल्म से वापसी की जो 2017 में बनी थी। बदकिस्मती से यह फिल्म भी असफल रही और बॉबी देओल को स्थापित करने में नाकाम रही । बाद में सलमान खान और अनिल कपूर के साथ एक्शन थ्रिलर फिल्म "रेस 3" में सहायक की भूमिका निभाई और इस फिल्म पर नकारात्मक समीक्षा होने के बावजूद इसने 300 करोड रुपए से अधिक की कमाई की और 2018 की छठी सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बनी। इसके पश्चात 2019 में "हाउसफुल 4" फिर नेटफ्लिक्स पर आने वाली फिल्म "क्लास ऑफ 83" के लिए फिल्म फेयर ओ टीटी पुरस्कार प्रदान किया गया। उनकी वेब सीरीज आश्रम का प्रीमियम एमएक्स प्लेयर पर हुआ जहां उन्होंने बाबा निराला की किरदार को निभाया। देओल ने एक्शन ड्रामा "एनिमल" किया जो बॉक्स ऑफिस पर सफल हुई और 917 करोड रुपए से अधिक की कमाई किया। उसके बाद 'फर्स्ट पोस्ट" उनकी एक अच्छी भावनात्मक फिल्म थी।
सुभाष घई ने साल 1991 में एक बेहतरीन फिल्म बनाई थी. इस फिल्म का नाम था "सौदागर". इस फिल्म में विवेक मुशरान वाले रोल के लिए सुभाष घई की पहली पसंद बॉबी देओल थे. लेकिन धर्मेंद्र उनकी इस पेशकश पर राजी नहीं हुए. आईएमडीबी के मुताबिक धर्मेंद्र चाहते थे कि बॉबी देओल की जिस फिल्म से लॉन्चिंग हो, उस फिल्म को वो खुद बनाए. इसलिए उन्होंने बॉबी देओल को सुभाष घई की फिल्म सौदागर करने की परमिशन नहीं दी.
सुभाष घई की फिल्म सौदागर में उस दौर के कई दिग्गज सितारे थे. फिल्म में दिलीप कुमार और राज कुमार सॉलिड भूमिका में थे. उनके अलावा अनुपम खेर, अमरीश पुरी, दीप्ति नवल, मुकेश खन्ना जैसे स्टार्स भी फिल्म में अहम रोल में थे. इसी फिल्म से मनीषा कोइराला और विवेक मुशरान लॉन्च हुए थे. इस फिल्म से बॉबी देओल को लॉन्च करने की जगह धर्मेंद्र ने बरसात मूवी को चुना था. बरसात मूवी में बॉबी देओल के अलावा ट्विंकल खन्ना भी थीं. इस मूवी से ट्विंकल खन्ना ने भी डेब्यू किया था. बरसात मूवी एक म्यूजिकल लव स्टोरी थी. जिसके गाने उस दौर में बहुत हिट हुए थे.
फेयरफ्लिक्स एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत फिल्मी बातें में यह थे बॉबी देओल फेयरफ्लिक्स एंटरटेनमेंट को लगातार देखते रहने के लिए हमें सब्सक्राइब करें और देखते रहे फिल्मी बातें।
अब समय है कार्यक्रम समाप्त करने का, तो इजाजत दीजिए सीमा शाही को।
नमस्कार