Saturday 10 2024

सलमान खान

 फेयरफ्लिक्स एंटरटेनमेंट में आज एक ऐसे सितारे की कहानी जो मैं कहती जाऊं आप सुनते जाइए और वह कभी खत्म नहीं होगी। जी हां आज उसी सितारे पर होगी फिल्मी बातें-

स्वीकार कीजिए सीमा शाही का नमस्कार, आदाब


दोस्तों ,

जिसकी कहानी खत्म नहीं होती, जिसके काम की सीमा नहीं है, जिसके फिल्मों की सही संख्या अभी तक नहीं पता, जो जब जवान हुआ तो कभी बूढ़ा नहीं हुआ, कौन है वो ?

कहीं वो सल्लू भाई तो नहीं ?

जी हां, ठीक समझा आपने! वैसे भी इतनी सारी खूबियां लेकर आने वाला कौन हो ही सकता है!

दोस्तों सलमान खान जिन्हें लोग प्यार से सल्लू भाई भी कहते हैं, उनका पूरा नाम अब्दुल रशीद सलीम है। सलमान का जन्म 27 दिसंबर 1965 को फिल्मी दुनिया की एक अजीम शख्सियत सलीम खान और सुशीला चरक के सबसे बड़े पुत्र के रूप में हुआ। उनके दादा अफगानिस्तान से आए थे और भारत के मध्य प्रदेश में बसे। उनकी मां मराठी हिंदू हैं। उनके दो भाई अरबाज खान और सोहेल खान दोनों ही फिल्म स्टार हैं। उनकी बहनें है अलवीरा और अर्पिता। अलवीरा की शादी अभिनेता निर्देशक अतुल अग्निहोत्री से हो चुकी है। सलमान अपने भाइयों अरबाज और सुहैल के साथ बांद्रा में सेंट टेनिस लास्ट हाई स्कूल से अपनी पढ़ाई आरंभ की। उनकी प्रारंभिक शिक्षा ग्वालियर स्थित सिंधिया स्कूल से हुई थी। उसके बाद मुंबई आकर आगे आपने पढ़ाई को जारी रखा ।

सलमान खान ने सन 1988 में फिल्म बीवी हो तो ऐसी फिल्म से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। सलमान को अपनी पहली बड़ी व्यावसायिक सफलता 1989 में रिलीज़ हुई फ़िल्म मैंने प्यार किया से मिली, जिसके लिए इन्हें फिल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ नवागत पुरूष अभिनेता पुरस्कार भी दिया गया। वे बॉलीवुड की कुछ सफल फिल्मों में स्टार कलाकार की भूमिका करते रहे, जैसे साजन , हम आपके हैं कौन , हम साथ साथ हैं और बीवी नं॰ 1 । ये ऐसी फिल्में थीं जिन्होंने उनके करियर में पाँच अलग वर्षों में सबसे अधिक कमाई की।

 उन्हें फिल्म "कुछ कुछ होता है" में उनकी अतिथि-भूमिका के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार दिया गया और तब से इन्होंने कई आलोचनात्मक और व्यावसायिक फिल्मों में स्टार के रूप में सफलता प्राप्त की है जिनमें "हम दिल दे चुके सनम" , "तेरे नाम" , "नो एन्ट्री" और "पार्टनर" आदि फिल्में शामिल हैं। 2017 में "टाइगर जिंदा है" ने कमाई के मामले मे नया इतिहास बनाया इस तरह ख़ान ने खुद को हिंदी सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में सबसे महान अभिनेता की छवि बनाई। बाद में बनी फ़िल्में, "वांटेड" , "दबंग" रेड्डी" और "बॉडीगार्ड " उनकी हिन्दी सिने जगत में सर्वाधिक कमाई वाली फ़िल्में रही। सन 2014 में बनी फिल्म "किक" सलमान की पहली फिल्म है जो 200 करोड़ के क्लब में शामिल हुई है। "किक" सलमान की सातवीं फिल्म है जो 100 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस कर चुकी है। इससे पहले 6 फिल्में 100 करोड़ क्लब में शामिल हो चुकी हैं । "एक था टाइगर " "दबंग-1 और दबंग 2" "बॉडीगार्ड " , "रड्डी" और "जय हो" ऐसी फिल्में है जिनकी शुद्ध कमाई एक सौ से डेढ़ सौ करोड रुपए के बीच आंकी गई है। सलमान ख़ान एक भारतीय अभिनेता के साथ एक गायक भी है। वर्ष 1990 में ख़ान की केवल एक फ़िल्म रिलीज़ की गई जिसका नाम था बागी: "अ रिबेल फॉर लव"। इसमें दक्षिण भारत की अभिनेत्री नग़मा मुख्य भूमिका में थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसके बाद वर्ष 1991 इनके लिए सफल वर्ष साबित हुआ जब इन्होंने लगातार तीन सफल हिट फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई । प्रारंभ में ही बॉक्स ऑफिस पर इन फिल्मों की जबरदस्त सफलता के बावजूद 1992-93 में रिलीज हुई इनकी तमाम फिल्में असफल रही

सूरज बड़जात्या के निर्देशन में दूसरी बार रोमांस फिल्म "हम आपके हैं कौन" में सह कलाकार माधुरी दीक्षित के साथ ख़ान ने 1994 में अपनी पहली सफलता का इतिहास दोहराया। उस साल की यह सबसे बड़ी हिट फिल्म थी और बॉलीवुड में सबसे बड़ी व्यावसायिक सफलता के अलावा इस फिल्म को दूर दूर से प्रशंसा मिलती रही और ख़ान को भी उनके प्रदर्शन के लिए तारीफ मिली जिसके चलते उन्हें दूसरी बार फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार के लिए नामांकन मिला। उस वर्ष ख़ान की भूमिका वाली तीन और फिल्में रिलीज़ हुईं लेकिन किसी ने भी इतनी सफलता नहीं दिलाई जितनी कि पहली फिल्म ने दिलाई थी। हालाँकि सह कलाकार आमिर ख़ान के साथ इनकी फिल्म अंदाज अपना अपनाके रिलीज होने के बाद से ही इनके प्रदर्शन के लिए इन्हें प्रशंसा मिल गई थी। 1995 में इन्होंने राकेश रोशन की ब्लॉकबस्टर फिल्म करण अर्जुन से अपनी सफलता को मजबूत किया जिसमें शाहरुख़ ख़ान इनके सह कलाकार थे। यह फिल्म वर्ष की दूसरी सबसे बड़ी हिट फिल्म रही। इसमें करन की भूमिका ने इनके नाम को एक बार फिर फिल्मफेयर के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए नामित कर दिया। हालांकि यह पुरस्कार करन अर्जुन के सह कलाकार शाहरूख ख़ान को दिया गया था।

सलमान ने 1999 के बाद दो सफल फिल्में दी हैं। इनमें से पहली संजय लीला भंसाली की "ख़ामोशी: द म्यूज़िकल" थी जिसमें सह कलाकार के रूप में मनीषा कोइराला, नाना पाटेकर और सीमा बिस्वास थीं। वैसे तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही फिर भी समीक्षकों द्वारा सराही गई। इनकी अगली सफलता सनी देओल और करिश्मा कपूर के साथ राज कंवर की एक्शन हिट फिल्म "जीत" से रही। 1997 में इनकी दो फिल्में "जुड़वां" और "औजार" रिलीज़ हुई। पहली वाली फिल्म डेविड धवन के निर्देशन वाली एक हास्य फिल्म थी जिसमें जन्म के समय बिछुड़ जाने के कारण दोहरी भूमिका निभाई थी।

ख़ान ने 1998 में पाँच अलग अलग फिल्मों में काम किया जिसमें उनकी पहली रिलीज "प्यार किया तो डरना क्या" वर्ष की सबे बड़ी सफल फिल्म साबित हुई इसमें इनकी सह कलाकार काजोल थीं। इसके बाद साधारण सी सफलता दिलाने वाली इनकी फिल्म "जब प्यार किसी से होता है" आई। ख़ान ने उस युवा पुरूष की भूमिका निभाई थी, जिसे ऐसे बच्चे को संरक्षण में रखना है, जो उसका बेटा होने का दावा करता है। इस फिल्म में ख़ान का प्रदर्शन उनके लिए कई सकारात्मक सूचना एवं उनके आलाचकों से इनके पक्ष में खबरें लेकर आया। वे करन जौहर के निर्देशन वाली पहली फिल्म "कुछ कुछ होता है" के ही चक्कर काटते रहे। शाहरूख ख़ान और काजोल के साथ सह कलाकार के रूप में इन्होंने केवल अमन की भूमिका करने वाले केमियो तक ही बढ़ पाए। लेकिन, यह उसके लिए फायदेमंद सिद्ध हुई क्योंकि उनके प्रदर्शन ने उन्हें दूसरी बार सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता की श्रेणी में फिल्मफेयर पुरस्कार दिला दिया।


1999 में ख़ान ने तीन हिट फिल्मों "हम साथ-साथ हैं" में भूमिका निभाई जिन्होंने तीसरी बार सूरज बड़जात्या के साथ इनके संबंधों को मजबूत किया । "बीवी नं.1" उस साल की सबसे बड़ी फिल्म रही और "हम दिल दे चुके सनम" ने आलोचकों का मुँह बंद कर दिया और इस फिल्म ने इन्हें एक बार फिर सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित करवा दिया।

वर्ष 2000 में इन्होंने छ: फिल्मों में काम किया जो आलोचकों की दृष्टि में व्यापार करने में असफल रहीं, इनमें से दो फिल्में कुछ सफल रहीं जैसै "हर दिल जो प्यार करेगा'" और "चोरी चोरी चुपके चुपके" और इन दोनों में रानी मुखर्जी और प्रिटी जिन्टा इनकी सह कलाकार थीं। वर्ष 2001 तक देर से रिलीज होने वाली इनकी फिल्म "चोरी चोरी चुपके चुपके", में इनके प्रदर्शन की सराहना की गई। सरोगेट चाइल्ड बर्थ के मुद्दे को सुलझाने वाली बालीवुड की यह पहली फिल्म थी जिसमें ख़ान ने एक धनी उद्योगपति की भूमिका निभाई थी, जो अपनी पत्नी के बांझ होने के बाद एक सरोगेट मदर किराए पर रख लेता है। आलोचकों ने इनके इस रूख को गंभीर भूमिका के प्रति लिया जिसमें इनके पहले की भूमिकाओं की तुलना में अधिक पैनापन दिखाई दिया। वर्ष 2002 में इन्होंने विलंब से रिलीज होने वाली फिल्म "हम तुम्हारें हैं सनम" में काम किया जो बॉक्स ऑफिस पर अर्द्ध हिट रही।

ख़ान की अगली फिल्में बॉक्स ऑफिस पर तब तक असफल होती रही जब तक उन्होंने 2003 में "तेरे नाम" फिल्म से अपनी वापसी नहीं की। इस फिल्म से बहुत कमाई की गई और इसके आलोचकों ने इसके प्रदर्शन की तारीफ की गई । उनका भावनात्मक रूप से चिल्लाना बेहद शानदार रहा। इन्होंने "मुझसे शादी करोगी" और "नो एन्ट्री" जैसी हास्य फिल्मों के द्वारा बॉक्स ऑफिस पर अपनी सफलता जारी रखी। वर्ष 2006 इनके लिए अत्यधिक असफलता का वर्ष रहा जिसमें इनकी फिल्में "जान-ए-मन" और "बाबुल" दोनों ही बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गईं।

वर्ष 2008 में ख़ान ने अपनी गेम शो दस का दम के साथ छोटे परदे पर उतरे जो अंतरराष्ट्रीय शो पॉवर ऑफ़ टेन पर आधारित था।

ख़ान एक समर्पित बॉडीबिल्डर हैं। वे प्रतिदिन मेहनत करते हैं और मूवी तथा स्टेज शो में अपनी कमीज उतारने के लिए प्रसिद्ध हैं। अमरीका की पीपुल पत्रिका द्वारा वर्ष 2004 में इन्हें दुनिया का 7वां सबसे सुंदर पुरूष और भारत के सबसे सुंदर पुरूष का खिताब मिला। अपने कैरियर में ख़ान विभिन्न धर्मार्थ संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। बॉलीवुड में उनके रोमांस के बहुत से किस्से सुनने को मिलते रहे। इनमें ऐश्वर्या राय, सोमी अली और संगीता बिजलानी के साथ संबंधों के चर्चे भारतीय मीडिया जगत में खूब रहे। उन्हें बालीवुड का सबसे चहेता कुंवारा अभिनेता होने का रुतबा प्राप्त है। वे 2003 से ही मॉडल से अभिनेत्री बनी कैटरीना कैफ के साथ डेटिंग करते आ रहे थे।

15 जनवरी 2008 को लंदन के मैडम तुसाद संग्रहालय में ख़ान की आदमकद मोम की प्रतिमा स्थापित की गई और इस प्रकार संग्रहालय में मोम की प्रतिमा के रूप में दिखाई देने वाले वे चौथे भारतीय अभिनेता बन गए।

सलमान खान के द्वारा सिल्वर स्क्रीन पर जीवंत किए गए पात्र

फिल्म "दबंग वन" और "दबंग 2" का इंस्पेक्टर चुलबुल पांडे फिल्म "बजरंगी" में बजरंगी भाईजान, फिल्म "सुल्तान" में सुल्तान अली खान

"ट्यूबलाइट" में लक्ष्मण सिंह विष्ट सहित बहुत से किरदार हैं जिन्हें सलमान खान ने अपने अभिनय से चांदी के परदे पर उकेरा है निखारा है। आपने बिग बॉस, तारक मेहता का उल्टा चश्मा जैसे कई नाम - चीन धारावाहिकों में भी बतौर एंकर और अन्य भूमिकाओं में भाग लिया और इन धारावाहिकों को प्रसिद्धि की बुलंदियों तक पहुंचाया।




अपने जीवन को पूरी सहजता से जी रहे हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार सलमान खान अपनी कुछ खास अदाओं के लिए प्रशंसकों में बहुत प्रिय हैं। उनके फॉलोअर्स की संख्या मिलियन्स में है। भारत ही नहीं पूरी दुनिया में युवा उन्हें प्रेम करते हैं ,उनकी फिल्में देखते हैं, उनसे मिलना चाहते हैं, उनके ऑटोग्राफ के दीवाने हैं। सलमान खान फिल्मी दुनिया में अभी अपनी पूरी ऊर्जा के साथ सक्रिय है और हम आशा करते हैं कि एक से एक बेहतरीन फिल्में हिंदी सिनेमा जगत को उनकी ओर से मिलने वाली है। फेयरफ्लिक्स परिवार उनके लिए दुआ करता है कि उनकी प्रसिद्धि दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती रहे ,एक से एक अच्छी फिल्में करते रहे , श्रोताओं के दिल पर राज करें और सितारों की तरह जगमगाते रहे। इन्हीं दुआओं के साथ हमारी यह भी दुआ है कि हमारे दर्शक खुश रहे प्रसन्न रहे और सुनते रहे यूं ही हमारे यूट्यूब चैनल की "फिल्मी बातें" जो कि आपके लिए लेकर आता है फेयरफ्लिक्स एंटरटेनमेंट ।

तो अब सीमा शाही को दीजिए इजाजत नमस्कार, शब्बा खैर!!

No comments:

Post a Comment

उसकी बात करता हूं

 मैं उसकी बात करता हूं  -------------------------------- वो एक पल जो तमाम उम्र के बाद शेष है  मैं उसी पल की बात करता हूं, मैं तुम्हारी हमारी...