Saturday 16 2025

शब्द सत्य है

 शब्द ब्रह्म है , नित्य है , सत्य है अनंत और अविनाशी है।हमें शब्दों को इसलिए धन्यवाद देना चाहिए कि वो बोले जाने के बाद जो अर्थ देते हैं उस अर्थ से हम बात को समझ कर आगे बढ़ते हैं । इस प्रकार हम पहले लड़खड़ा कर फिर चलना उसके बाद दौड़ना सीखते हैं। हमारी जिंदगी शब्दों की उंगलियां पड़कर आगे बढ़ती है, सरपट दौड़ लगाती है। शब्दों की जादूगरी से हम अपनी तमाम समस्याओं के ताले खोलते हैं और कुछ लोग शब्दों के ही बल पर बहुत कुछ पा जाते हैं तो कुछ लोग शब्दों के अभाव में बहुत कुछ हार जाते हैं। हाल कर शांत बैठ जाते हैं। आप ऐसे लोगों से भी मिलेंगे जिनके पास कई भाषाओं के शब्दों की समझ है। ऐसे लोग कई भाषाओं के शब्दों को समझकर बाकियों की तुलना में अधिक दूर तक दौड़ लगा लेते हैं। इससे उनकी दुनिया अन्य की तुलना में अधिक बड़ी हो जाती है। इस प्रकार दुनियावी जिंदगी शब्दों की जादूगरी से एक नट की तरह खेल दिखाती है, हम आगे बढ़ते हैं। यही शब्द जब प्रार्थना बनते हैं तो मंत्र की शक्ति से अभिषिक्त होकर देवताओं को भी मनुष्यों के पीछे भागने के लिए मजबूर कर देते हैं। प्रेम में बोले गए शब्द हमें सब की आंखों का तारा बना देते हैं तो वहीं नफरत, ईर्ष्या और क्रोध में बोले गए शब्द हमें अनंत शत्रुओं के सामने लाकर खड़ा कर देते हैं। शब्दों से दुनिया जीती जा सकती है शब्दों से सब कुछ मनुष्य हार जाता है। इतिहास गवाह है कि महाभारत में शब्दों के कारण ही भयानक नरसंहार हुआ और कितने योद्धा मारे गए।

 ये है शब्द की शक्ति। इसलिए कहा जाता है की जो भी बोलो सोच समझ कर तोलमोल कर बोलो।

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