Saturday 16 2025

वंदे यदुकुलगौरवम् जगद्गुरूम् श्रीकृष्णनारायणम्

 यदुकुल गौरव श्री कृष्ण ही जगद्गुरु हैं। जीवन को संपूर्णता में जी कर साबित कर दिया कि मानवता को संपूर्णता के साथ जिया जा सकता है । इसमें छल कपट का कोई स्थान नहीं है। आमतौर पर ये माना जाता है कि दुनिया में सच्चे प्रेम के लिए जगह नहीं है लेकिन उनका प्रेम उदाहरण है। माता-पिता, मित्र, पत्नी, प्रेमिका सबके लिए मर्यादित हो तो ये संभव है। स्त्री के लिए सम्मान, और मर्यादा हो तो जीवन को उच्चतम आदर्श से गौरवान्वित किया जा सकता है। श्रीराधा रानी को जो गौरव दिया, द्रौपदी का मान रखा वो अनुकरणीय है। गोपियों, ग्वालों, विप्र सुदामा को जिस मित्रता की परिभाषा दी वो सर्वकालिक है। जन्मदात्री, और पालनहार माताओं को जो प्रेम दिया वसुदेव और नंदबाबा के प्रति उनका आदर और समर्पण अनुकरणीय है। द्वरिकाधीश श्री कृष्ण की कथा कहने सुनने के लिए सचमुच की आदर्श कथा है। महाभारत का धर्मयुद्ध कालातीत आदर्श है जहां अन्याय का प्रतीकार करते हुए धर्म को धारण करते हैं। युद्ध में धर्म का जवाब धर्म से छल का जवाब छल से देने में भी नहीं हिचकते। अर्जुन को दिये उनके उपदेश गीता में संग्रहीत हैं जो उनके प्रति उठने वाले हर प्रश्न के उत्तर धारण करते हैं। विश्व के कल्याण के लिए ‌श्रीमद्भगवद्गीता एक आदर्श ग्रंथ है जिसे दुनिया मानती है।

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आयोजित महोत्सव उनके प्रति भक्ति और प्रेम का दिवस है। परमपिता से प्रार्थना है कि वो आप सभी को जीवन में वही ऊंचाइयां प्रदान करें जो उन्होंने स्वयं अपने लिए चुना था। 

वंदे यदुकुलगौरवम् जगद्गुरूम् श्रीकृष्णनारायणम् !

No comments:

Post a Comment

उसकी बात करता हूं

 मैं उसकी बात करता हूं  -------------------------------- वो एक पल जो तमाम उम्र के बाद शेष है  मैं उसी पल की बात करता हूं, मैं तुम्हारी हमारी...