लड़कियों
खुले आकाश में अगर
उड़ना चाहती हो
चाहती हो असीमित आसमान, तो -
अपने पिता को भरोसा दो
मां को दो विश्वास
भाई को आश्वस्ति दो
कि तुम अपने स्वत्व को
स्वाभिमान को
और पारिवारिक मूल्यों को
लेकर घर से बाहर
जा तो रही हो
इसे ऐसे ही वापस लाओगी
तुम आधी अधूरी नहीं
अपनी संपूर्णता के साथ
बाबा के घर की दहलीज के अंदर आओगी
तुम नहीं जानती कि
नारी की आजादी के
गुमराह करने वाले
नारों में लंपटों की साज़िशें शामिल हो जाती हैं धीरे से
तुम्हारे साथ छल कर के
निकल जाती हैं
शादी, नौकरी, धन दौलत के झांसे
शराफ़त के चोले
मासूमियत भरे चेहरे
कई रूपों में
तुमको मिलेंगे
तुम भ्रमित न होना
लालच लिए भेड़िए भी
मिलेंगे
तुम इन सब से बचते
बचाते अपने लिए
उस आकाश की तलाश से डिगना नहीं
वरना, करे चाहे कोई भी इल्जाम तुम पर ही आएगा
इसलिए -
लड़कियों तुम
सावधान रहना!
No comments:
Post a Comment