Monday 06 2026

जैसा कल था आज नहीं है....

 जैसा कल था आज नहीं है....

भारत अब आजाद हो गया 

गोरों का अब राज नहीं है 

जैसा कल था आज नहीं है.....

अपनी धरा गगन है अपना 

आंखों में भी सजता सपना 

पंछी सब आजाद हुए हैं 

उनके सिर पर बाज नहीं है 

जैसा कल था आज नहीं है .....

सोचा था मधुमास खिलेंगे 

फूलों वाले बाग मिलेंगे 

लेकिन रुत कुछ ऐसे बदली 

अब मौसम है ऋतुराज नहीं है 

जैसा कल था आज नहीं है.... 

अपनी एक कहानी लिखो 

बचपन और जवानी लिखो 

लिखो संविधान है वो राजा 

जिसके सिर पर ताज नहीं है 

जैसा कल था आज नहीं है ....

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