ज़िन्दगी के लिए कुछ चाव हो
ये ज़रूरी है
गुनगुनी धूप के लिए
जाड़े में
लिबास मसरब भर हो
ये ज़रूरी है ।
धूप में चलते जाना है तो
राह में थोड़ी थोड़ी
छांव हो
ये ज़रूरी है
चाहते हो सोंधापन रोटी में
तो पेट में थोड़ी भूख रक्खो ये
ज़रूरी है
प्यार में जो गर्मी चाहो
तो रिश्ते में थोड़ी दूरी रखना,
ये ज़रूरी है
बड़ी बड़ी खुशियों से क्या होगा
छोटी छोटी खुशियों में खुशी हो,
ये जरूरी है ।
धन दौलत माल खजाने में भी खुशी मिलती है ,
बस इन सब के लिए कुछ फकीरी हो,
ये ज़रूरी है।
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