Thursday 12 2024

ज़रूरी है

 ज़िन्दगी के लिए कुछ चाव हो

 ये ज़रूरी है 

गुनगुनी धूप के लिए 

जाड़े में 

लिबास मसरब भर हो

ये ज़रूरी है ।

धूप में चलते जाना है तो

राह में थोड़ी थोड़ी 

 छांव हो 

ये ज़रूरी है 

चाहते हो सोंधापन रोटी में 

तो पेट में थोड़ी भूख रक्खो ये

 ज़रूरी है 

प्यार में जो गर्मी चाहो

तो रिश्ते में थोड़ी दूरी रखना,

 ये ज़रूरी है 

बड़ी बड़ी खुशियों से क्या होगा 

छोटी छोटी खुशियों में खुशी हो, 

ये जरूरी है ।

धन दौलत माल खजाने में भी खुशी मिलती है ,

बस इन सब के लिए कुछ फकीरी हो,

 ये ज़रूरी है।

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