रील और रियल लाइफ, दोनों ही में जिसने महारत दिखाई और सच्चा खिलाड़ी बन गये उनका नाम है अक्षय कुमार । आज अक्षय कुमार के करियर से जुड़ी कुछ मजेदार बातें होगी फेअरफ्लिक्स एंटरटेनमेंट के फिल्मी बातें सेगमेंट में। आपके साथ यह बातचीत लेकर हाजिर हूं मैं सीमा शाही। स्वीकार कीजिए मेरा प्यार भरा नमस्कार ।
दोस्तों,
इस असली खिलाड़ी का जीवन ऐसा कुछ है कि उनका खिलाड़ी होना हर तरह से जस्टिफाई होता है। उनका नाम खिलाड़ी नाम से बनने वाली कई फिल्मों के क्रेडिट से जुड़ा हुआ है।
90 के दशक में सुपर हिट फिल्में खिलाड़ी , मोहरा और सबसे बड़ा खिलाड़ी में अभिनय करने के कारण, अक्षय को बॉलीवुड के एक्शन हीरो के नाम से बुलाए जाने लगा। ऐसा नहीं है कि अक्षय कुमार केवल एक्शन फिल्में ही करते हैं । उनकी रूमानियत भरी फिल्मों की भी एक लंबी सूची है। जैसे "ये दिल्लगी" और "धड़कन"। शुद्ध अभिनय पर आधारित नाटक फिल्मों मैं भी अक्षय कुमार ने अपने अभिनय के झंडे गाड़े। "एक रिश्ता" उनकी अभिनय क्षमता को दिखाने वाली एक अच्छी फिल्म है तो वही उन्हें वर्ष 2002 में अच्छी नाटकीय प्रदर्शन वाली फिल्म "अजनबी" के लिए पहला फ़िल्मफेयर पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ खलनायक के लिए दिया गया। अक्षय कुमार ने अपने अभिनय से यह साबित किया कि वह एक सर्वगुण संपन्न कलाकार हैं जो एक्शन रोमांस नाटक के साथ-साथ हास्य पर आधारित फिल्में भी इसी कुशलता के साथ करते हैं। पिछले दिनों उनकी हास्य पर प्रदर्शित फिल्में "हेरा फेरी" उसके बाद इसी"हेरा फेरी-2 , वेलकम के साथ-साथ बहुत सी हास्य फिल्में हैं और अक्षय कुमार की वर्सेटाइल एक्टर की छवि को पुख्ता करती है। "मुझसे शादी करोगी" "गरम मसाला" और जान-ए-मन फिल्म में हास्य के लिए अक्षय के अभिनय की प्रशंसा हुई।
सफलता की ऊचाईयों को छूने वाले अक्षय कुमार की लगातार चार कामर्सियल फिल्में हिट हुई। इस तरह से, उन्होंने अपने आपको हिन्दी फ़िल्म उद्योग में एक प्रमुख अभिनेता के रूप में स्थापित किया। अक्षय कुमार ने बैंकाक में मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण भी लिया है जहां वो एक रसोइया की नौकरी करते थे।
फिल्मों में प्रवेश के शुरुआती दौर में अक्षय कुमार ने मॉडलिंग भी की।
अक्षय कुमार का जन्म अमृतसर, पंजाब में हुआ। बॉलीवुड में रहने के दौरान, अक्षय कुमार का नाम रवीना टंडन, रेखा और शिल्पा शेट्टी जैसी बड़ी अभिनेत्रियों के साथ जुड़ा। जाने माने कलाकार राजेश खन्ना और डिम्पल कपाड़िया की बेटी ट्विंकल खन्ना से उनकी दो बार सगाई हुई । इसके बाद 14 जनवरी 2001 को शादी कर ली जिनसे उनका एक बेटा है जिसका नाम है आरव।
खबर यह भी आई थी कि उनके कई अफेयर्स के चलते ट्विंकल खन्ना ने उनको थप्पड़ भी मारा था पर बाद में अक्षय कुमार ने खुद इन खबरों का खंडन किया।
अक्षय कुमार 145 से अधिक हिन्दी फिल्मों में काम कर चुके हैं।
2007 में वे सफलता की ऊचाईयों को छूने लगे, जब उनकी लगातार चार कामर्सियल फिल्में हिट हुई। इस तरह से, उन्होंने अपने आपको हिन्दी फ़िल्म उद्योग में एक प्रमुख अभिनेता के रूप में स्थापित किया।
1997 में, यश चोपड़ा की हिट फ़िल्म दिल तो पागल है में मेहमान कलाकार की भूमिका निभाई, जिसके लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक कलाकार के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार में उनका नामांकन हुआ। फ़िल्म हिट हुई। वर्ष
1999 में, अक्षय को फ़िल्म संघर्ष' और जानवर में उनके किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया।
वर्ष 2001 में, फ़िल्म अजनबी में कुमार ने एक नकारात्मक किरदार निभाया। उनकी फ़िल्म को काफी सराहा गया तथा बेस्ट विलेन के लिए पहला फ़िल्मफेयर पुरस्कार मिला।
वर्ष 2007 अक्षय कुमार के कैरियर के लिए सबसे ज्यादा सफल वर्ष रहा। उनकी फिल्म "नमस्ते लंदन", कामर्शियल नजरिए से अच्छी और सफल रही। उनकी दो अन्य फिल्में
"हे बेबी" और "भूल भुलैया" बॉक्स ऑफिस पर सुपर हिट हुई।
उनकी फिल्मे सेल्फी , रक्षाबंधन, पृथ्वीराज चौहान, बच्चन पांडे ,छोटे मियां बड़े मियां, राम सेतु आदि वर्ष 2020-21 के दौरान आई और चर्चित रही।
दोस्तों ये था फेयरफ्लिक्स एंटरटेनमेंट का आज का अंक जिसमें हम सुपर खिलाड़ी, एक्शन हीरो और हास्य के पुरोधा अक्षय कुमार के बारे में बातें कर रहे थे। उनके बारे में कुछ और बातें फिर कभी । आगे के अंक में हम किसी अन्य कलाकार अथवा फिल्म की बातें लेकर फिर से आपके सामने हाजिर होंगे। तब तक के लिए सीमा शाही को अनुमति दीजिए और स्वीकार कीजिए मेरा नमस्कार।
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