अपने समय के नामचीन कलाकारों को याद करना जब शुरू करते हैं तो बीते दिनों की यादें ताजा हो जाती है। वह समय था जब सिनेमा के सेलिब्रिटीज के बारे में जानने की दर्शकों में उत्कंठा तीव्रतर होती थी और उनके मिलने या दिखने की संभावना लगभग ना के बराबर होती थी। ऐसे में उनके चमचमाती हुई चेहरे को सिल्वर स्क्रीन पर देख कर युवाओं के मन में उठने वाली उमंग और तरंगों का तो कहना ही क्या! वो तो सातवें आसमान पर उड़ते थे। सितारों की एक झलक देख लेना बड़ी बात हो जाया करती थी । ऐसे ही जगमगाते सितारों में एक नाम मुमताज का है जो हिंदी सिनेमा की एक नामचीन सुपरस्टार अभिनेत्री रही हैं।
फेअरफ्लिक्स एंटरटेनमेंट की फिल्मी बातों में आज मुमताज और उनके अभिनय योगदान पर बातें करेंगे। तो, स्वीकार कीजिए सीमा शाही का
नमस्कार।
दोस्तों,
मुमताज का जन्म 31 जुलाई 1947 को तत्कालीन बॉम्बे में, जिसे अब मुंबई कहा जाता है हुआ था। उनके पिता का नाम अब्दुल सलीम अस्करी था जो मेवे का व्यापार करते थे और उनकी माता का नाम सादिया हबीब आगा था।उनके जन्म के ठीक एक साल बाद उनका तलाक हो गया। उनकी छोटी बहन अभिनेता मल्लिका है जिनकी शादी पहलवान और भारतीय अभिनेता रंधावा से हुई थी - जो पहलवान और अभिनेता दारा सिंह के छोटे भाई थे। शादी के बाद उनका नाम मुमताज माधवानी हो गया।
उन्होंने 1971 में खिलौना में अपने किरदार के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता। हालांकि उन्होंने छोटी सहायक भूमिकाओं के साथ शुरुआत की, बाद में उन्होंने तरक्की की और अपने समय के सभी शीर्ष अभिनेताओं के साथ मुख्य भूमिकाओं में काम किया। उन्हें 60 और 70 के दशक की सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों में से एक के रूप में याद किया जाता है।
मुमताज़ 1958 में बनी फिल्म सोने की चिड़िया में पहली बार बाल अभिनेत्री के रूप में दिखाई दीं। किशोरी के रूप में उन्होंने वर्ष 1960 के दशक की शुरुआत में फिल्म "वल्लाह क्या बात है", स्त्री और सेहरा में अतिरिक्त अभिनेत्री के रूप में काम किया। वयस्क के रूप में, ए-ग्रेड फिल्मों में उनकी पहली भूमिका वर्ष 1963 मैं बनी फिल्म "गहरा दाग़" में थी। इसमें उन्होंने नायक की बहन की भूमिका निभाई थी। "मुझे जीने दो"जैसी सफल फिल्मों में उन्हें छोटी भूमिकाएँ मिलीं। बाद में, उन्होंने 16 एक्शन फिल्मों में मुख्य नायिका की भूमिकाएं निभाई, जिसमें फ़ौलाद, वीर भीमसेन, टार्ज़न कम्स टू देल्ही, सिकंदर-ए-आज़म, रूस्तम-ए-हिंद, राका, और डाकू मंगल सिंह, शामिल हैं। इन सब में पहलवान दारा सिंह उनके साथ मुख्य भूमिका में थे और वह स्टंट-फिल्म नायिका के रूप में मानी जाने लगीं।
राज खोसला की साल 1969 मैं बनी ब्लॉकबस्टर फिल्म दो रास्ते थी, जिसने मुमताज़ को पूर्ण फिल्मी सितारा बना दिया। इसमें उनके साथ राजेश खन्ना ने अभिनय किया था। हालाँकि मुमताज़ की फिल्म में छोटी भूमिका थी, फिर भी निर्देशक राज खोसला ने उनके साथ चार गाने फिल्माए। 1969 में, राजेश खन्ना के साथ उनकी फिल्में दो रास्ते और बंधन, वर्ष की शीर्ष कमाई करने वाली फिल्में बनी थी। उन्होंने राजेन्द्र कुमार की "ताँगेवाला" में प्रमुख नायिका की भूमिका निभाई। सुपरस्टार शशि कपूर चाहते थे कि वर्ष 1974 में बनी फिल्म "चोर मचाये शोर" में उनकी नायिका बनें जबकि उन्होंने पहले वर्ष 1970 में बनी फिल्म "सच्चा झूठा" में उनके साथ काम करने से इनकार कर दिया था,। उन्होंने "लोफर" और "झील के उस पार" जैसी फिल्मों में प्रमुख नायिका के रूप में धर्मेन्द्र के साथ काम किया।
मुमताज ने फ़िरोज़ ख़ान के साथ अक्सर काम किया जिसमें उनकी हिट फिल्में थीं मेला, अपराध और नागिन। राजेश खन्ना के साथ उनकी जोड़ी कुल 10 फिल्मों में सबसे सफल रही। उन्होंने अपने परिवार पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए वर्ष 1977 में बनी फिल्म "आईना" के बाद फिल्मों में काम करना छोड़ दिया। उन्होंने 1990 में आँधियां से फिर वापसी की थी।
की।
शम्मी कपूर उनसे प्यार करते थे और शादी भी करना चाहते थे लेकिन मुमताज कम उम्र में अपना फिल्मी करियर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थीं क्योंकि कपूर नहीं चाहते थे कि उनकी पत्नी शादी के बाद फिल्म उद्योग में काम करें।
मुमताज को 60 के दशक में युवा दिलों की धड़कनों के तौर पर पहचाना जाता था। मुमताज से जुड़े कुछ अनुसुने किस्से भी हैं।मुमताज ने 1974 में बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी की।
उनकी दो बेटियां हैं, जिनमें से एक नताशा ने 2006 में अभिनेता फिरोज खान के बेटे फरदीन खान से शादी की।
बॉलीवुड में 60 और 70 के दशक में अपने नाम और काम की चमक बिखेरने वाली दिग्गज एक्ट्रेस मुमताज खुद को फिट रखने के लिए काफी मेहनत करती हैं। जिसकी झलकियां को अक्सर अपने सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। बता दें कि मुमताज अपने जमाने में अपनी खूबसूरती से लोगों के दिलों पर राज करती थीं। अभिनेत्री की खूबसूरती को देख न केवल उनके करोड़ों फैंस दीवाने थे, बल्कि बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई दिग्गज सितारे भी कायल थे। वहीं खूबसूरती के अलावा एक्ट्रेस अपनी एक्टिंग के लिए काफी मशहूर थीं। कभी स्टंट एक्ट्रेस के तौर पर मशहूर मुमताज के साथ काम नहीं करने की चाहत रखने वाले सितारे भी तब उनकी एक्टिंग के दीवाने हो गए थे, जब मुमताज ने साबित कर दिया कि वो लीड एक्ट्रेस के तौर पर भी धमाका कर सकती हैं। लेकिन साल 1974 में मुमताज़ ने NRI बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी के बाद फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया।
मयूर माधवानी से शादी के बाद मुमताज ने अपने जमे-जमाए एक्टिंग करियर को ठोकर मार दिया और पति के साथ विदेश शिफ्ट हो गई थीं। मयुर माधवानी के साथ शादी के बाद मुमताज़ जब दो बेटियों की मां बनीं तो उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी दो बेटियों के नाम कर दी। उनकी बड़ी बेटी का नाम नताशा माधवानी है और छोटी बेटी का नाम है तान्या माधवानी। आज बेटियों और नाती-नातिन से भरा पूरा है मुमताज का घर परिवार।
उनकी बड़ी बेटी नताशा बॉलीवुड एक्ट्रेस भले ही ना हों लेकिन स्टार की पत्नी ज़रुर हैंं। नताशा की शादी बॉलीवुड अभिनेता फरदीन खान से हुई है। नताशा और फरदीन 13 दिसंबर साल 2005 को शादी के बंधन में बंधे थे। स्टार डॉटर और स्टार वाइफ होने के बावजूद भी नताशा मीडिया फ्रेंडली नहीं हैं और ना ही लाइमलाइट में रहना पसंद करती हैं। उन्हें फरदीन खान के साथ पब्लिक इवेंट और पार्टीज़ अटैंड करते हुए भी कम ही देखा गया है।
अब आपकी मुलाकात मुमताज की छोटी बेटी तान्या माधवानी से करवाते हैं। तान्या ने भी फिल्मों में कदम नहीं रखा। हालांकि वो सोशल मीडिया स्टार हैं। तान्या भी दो बच्चों की मां हैं, लेकिन सुंदरता के मामले में वो बॉलीवुड अभिनेत्रियों की छुट्टी कर देती हैं। तान्या की सुपर फिट बॉडी और उनकी तस्वीरें देखकर कोई इस बात का अंदाज़ा नहीं लगा सकता कि वो दो बच्चों कि मां हैं। वो खूबसूरत तो हैं ही, साथ ही वो अपनी खूबसूरती और फिटनेस का पूरा ख्याल भी रखती हैं। तान्या ने साल 2015 में अपने विदेशी मित्र ‘मारको सिलिया’ के साथ शादी की थी। मारको लंदन के मशहूर होटल मालिक और डेवलेपर हैं। तान्या ने अपने पापा का बिजनेस ज्वॉइन किया है। वो उनकी कंपनी में अहम जिम्मेदारियां निभाती हैं।
आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे...' गाना सुनते ही जुबान पर मुमताज का नाम आता है. एक्ट्रेस ने अपने तीन दशक के करियर में कई बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया। उनकी सबसे हिट जोड़ी राजेश खन्ना के साथ मानी जाती थी. अपने एक्सपीरियंस को याद करते हुए एक्ट्रेस ने बताया कि कैसे उस दौर में डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स सिर्फ हीरोज की ही बातें मानते थे. उनके लिए किसी बड़े हीरो की कही गई कोई बात या दी गई कोई राय किसी पत्थर की लकीर की तरह होती थी।
कहा जाता है कि गोरा-गोरा मुखड़ा... बड़ी-बड़ी आंखें... और कातिलाना अदाएं... इन सभी चीजों का जिक्र हो तो मुमताज का नाम जेहन में आना लाजिमी है। अपनी अदाकारी से लोगों का दिल जीतने वाली मुमताज ने एक जमाने में खुद से 20 साल बड़े शख्स पर अपना दिल लुटा दिया था। हालांकि, सिर्फ एक शर्त ने उनकी कहानी को अधूरा छोड़ दिया। आइए देखते हैं उनकी ये अधूरी लव स्टोरी क्या है!
अपनी शर्मीली अदाओं, चुलबुलेपन और नटखट अंदाज से हर किसी को अपना मुरीद बनाने वाली मुमताज की सुंदरता के कायल सिर्फ दर्शक ही नहीं थे, बल्कि कई दिग्गज सितारे भी अपना दिल हार बैठे थे। ऐसे ही एक सितारे थे शम्मी कपूर जो मुमताज से बेइंतहा मोहब्बत करते थे। मुमताज भी अरसे से उनकी दीवानी थीं। इतनी बेपनाह मोहब्बत के बावजूद उनका प्यार परवान क्यों नहीं चढ़ पाया, यह एक सवाल है।
आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' गाने में जब शम्मी कपूर और मुमताज डांस बीट्स पर थिरके थे, तब उन्होंने दर्शकों का दिल चुरा लिया था। कहने को इस फिल्म का नाम 'ब्रह्मचारी' था, लेकिन इसी फिल्म में मुमताज की खूबसूरती पर शम्मी कपूर फिदा हो गए थे। उन्होंने शूटिंग के दौरान ही मुमताज को अपने दिल की बात बता दी थी तो मुमताज ने भी उन्हें बता दिया था कि शम्मी कपूर ही पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने उनका दिल जीता है। बॉलीवुड के गलियारों में दोनों की मोहब्बत के अफसाने चहलकदमी करने लगे तो उनकी उम्र के अंतर की चर्चा भी होने लगी। दरअसल, शम्मी कपूर और मुमताज की उम्र में 20 साल का अंतर था, लेकिन मोहब्बत ने इस फासले को दरकिनार कर दिया था.
कई साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद शम्मी कपूर ने मुमताज को प्रपोज कर दिया। हालांकि, उन्होंने एक ऐसी शर्त रख दी, जिसने मुमताज का दिल चकनाचूर कर दिया। दरअसल, शम्मी कपूर ने कहा था कि शादी के बाद मुमताज फिल्मों में काम नहीं करेंगी। उस वक्त मुमताज महज 17 साल की थीं और वह अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं। शम्मी कपूर की शर्त सुनकर मुमताज सन्न रह गईं और उन्होंने शादी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद शम्मी कपूर ने नीला देवी से शादी कर ली, जबकि साल 1974 में मुमताज ने मयूर मधवानी को अपना हमसफर बना लिया.
कैसी लगी आपको सुपरस्टार मुमताज के जीवन की उतार-चढ़ाव भारी ये कहानी ? हमें कमेंट करके बताइएगा। और अब चलने का समय हो रहा है तो विदा लेते हैं।स्वीकार कीजिए सीमा शाही का नमस्कार।
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